भारत अब विकासशील नहीं लोअर मिडल इनकम देश: विश्व बैंक

भारत अब विकासशील नहीं लोअर मिडल इनकम देश: विश्व बैंक

भारत, जो सालों से विकासशील देशों की श्रेणी में ही रहा है अब 'लोअर मिडल इनकम (निम्न-मध्यम आय) देश' के नाम से जाना जाएगा।

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मुंबई :: दशकों से देशों को उनकी आर्थिक हालत और उनके जीवन स्तर के आधार पर ‘विकसित’ और ‘विकासशील’ देश के श्रेणियों में बांटा गया है। विश्व बैंक अब सटीक तरीके से देशों को उनकी अर्थव्यवस्थाओं के आधार पर बांटने वाला है। भारत, जो सालों से विकासशील देशों की श्रेणी में ही रहा है अब ‘लोअर मिडल इनकम (निम्न-मध्यम आय) देश’ के नाम से जाना जाएगा।

कल जारी हुए वार्षिक विश्व विकास सूचकों में विश्व बैंक ने विकासशील और विकसित श्रेणी देश की श्रेणी को खत्म कर दिया है। अब तक कम और मध्यम आय वाले देश विकासशील और ज्यादा आय वाले देश विकसित देश कहलाते थे। मेक्सिको, चीन और ब्राजील अब ‘अपर मिडल इनकम’ श्रेणी में हैं और भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश ‘लोअर मिडल इनकम’ श्रेणी में हैं। वहीं मलावी देश सबसे नीचे ‘लो इनकम’ देश है।

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विश्व बैंक के डेटा के अनुसार भारत बिजली उत्पादन, स्वच्छता और मजदूरों के सहभागिता के मामले में पीछे है। भारत ने शिशु मृत्यु दर और प्रसव कालीन मृत्यु दर के मामले में सुधार किया है। भारत में बिजनस शुरू करना वैश्विक औसत 20 दिन से 9 दिन ज्यादा है।

विश्व बैंक के नए नामकरणों से प्रभावित हो कर संयुक्त राष्ट्र भी ऐसा कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र की विकासशील देशों की कोई अपनी परिभाषा नहीं है। संयुक्त राष्ट्र भारत समेत 159 देशों को विकासशील देश मानता है। जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूरोप, उत्तरी अमेरिका के सभी भागों को संयुक्त राष्ट्र विकसित देश मानता है।

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