पाकिस्तान को महंगी पड़ी चीन से दोस्ती, हो सकता है पाकिस्तान का...

पाकिस्तान को महंगी पड़ी चीन से दोस्ती, हो सकता है पाकिस्तान का तख्ता पलट…

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नई दिल्ली: भारत के खिलाफ चीन से गलबहियां पकिस्तान के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है| एक तरफ चीन ने इकॉनॉमिक कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान से नाराज़गी जताई है और सैन्य शासन लगाने की मांग की है| वहीं पूर्व क्रिकेटर और तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता इमरान खान ने भी पाकिस्तान में मिलिट्री शासन पर चीन का समर्थन किया है।

पाकिस्तान में तख्तापलट की आशंका
इमरान खान ने पाक अधिकृत कश्मीर में पीएम नवाज शरीफ की आलोचना की है और पाक आर्मी चीफ राहिल शरीफ की तारीफ में कसीदे पढ़े हैं| इमरान ने नवाज शरीफ को पाकिस्तान पर बोझ बताते हुए भ्रष्टाचारी की संज्ञा दी है| उनका कहना है कि इस काम में शरीफ का परिवार भी शामिल है।

इमरान ने कहा कि नवाज शरीफ के कुशासन का ही नतीजा है कि आज पाकिस्तान की आवाम कर्ज के भारी बोझ तले दब गई है| यहाँ के हर नागरिक पर लाखों का कर्ज है| अगर सेना देश की कमान अपने हाथों में लेती है तो पूरा पाकिस्तान जश्न मनाएगा और मिठाइयां बंटेगा| मुल्क के लोकतंत्र को नवाज की तानाशाही से खतरा है।

चीन भी चाहता है सैन्य शासन

उधर, चाइना-पाकिस्‍तान इकॉनॉमिक कॉरिडोर(सीपीईसी) को लेकर पाक सरकार के ढीले रूख से चीन ने नाराजगी जताई है| पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार चीन का कहना है कि वर्तमान पाकिस्तानी सरकार निकम्मी है| यहां सैन्य शासन लगा देना चाहिए| अगर इस काम को पाकिस्तानी सेना करे तो यह जल्दी पूरा हो जाएगा|

इसके लिए पकिस्तान में चीन के राजदूत सुन वेइडॉन्‍ग ने सात जून को पाकिस्‍तानी सेनाध्‍यक्ष राहिल शरीफ के साथ एक बैठक भी की थी| बैठक के बाद एक बयान में कहा गया था कि आपसी रिश्‍तों, क्षेत्रीय सुरक्षा और चाइना-पाकिस्‍तान इकॉनॉमिक कॉरिडोर को लेकर चर्चा की गर्इ।

पिछले कुछ सप्‍ताह से चीनी अधिकारियों ने सरकार और सेना के नेतृत्व को इस बारे में समझाया है। सेना ने इस प्रोजेक्ट को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए स्‍पेशल डिवीजन का गठन भी किया है।

सियासी दल भी कर चुके हैं मांग

पाक आर्मी चीफ राहिल शरीफ नवंबर में रिटायर हो रहे हैं। साफ-सुथरी छवि वाले राहिल भ्रष्टाचार और आतंकवाद के खिलाफ कैंपेन भी चला चुके हैं| पाक के कई सियासी दल चाहते हैं कि राहिल को अपना कार्यकाल बढ़ाना चाहिए, लेकिन राहिल ने इससे इनकार किया है। कुछ समय पहले ही एक सियासी दल ने कई जगहों पर राहिल के पोस्टर और बैनर लगाए थे| इनमें भी देश में सैन्य शासन लागू करने की मांग की गई थी।

क्या कहती है मीडिया

पकिस्तान में भले ही लोकतंत्र की सरकार हो लेकिन यहाँ का हर सियासी फैसला सेना ही करती है| चीन पकिस्तान की तभी तक मदद करेगा जब तक उसका उल्लू सीधा होता रहेगा| चीन की वजह से पाक पीएम नवाज शरीफ और आर्मी चीफ राहिल शरीफ के बीच अनबन भी है| इससे देश में नया संकट पैदा हो सकता है|

डॉन की खबर के मुताबिक पाक पीएम चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर की जानकारियां आर्मी चीफ के साथ नहीं साझा करते हैं। जबकि चीन अपने प्रोजेक्ट में किसी नेता की दखलंदाजी पसंद नहीं करता| चीन कॉरिडोर बनाने के काम में सेना पर ज्यादा भरोसा करता है|

फिलहाल, इमरान खान और चीन के इस ‘सेना-प्रेम’ ने लंदन में दिल का इलाज करा रहे पाक पीएम नवाज शरीफ की धड़कनें बढ़ा दी हैं| उनके लिए तरफ चीन जैसी खाई है तो दूसरी तरफ राहिल शरीफ जैसा पहाड़।

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