जनता 5 साल के लिए देश चलाने का कॉन्ट्रेक्ट देती है, यह...

जनता 5 साल के लिए देश चलाने का कॉन्ट्रेक्ट देती है, यह ठीक नहीं है: Narendra Modi Live

यह कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के प्‍लेटफॉर्म मायजीओवी (MyGov) के दूसरी सालगिरह के मौके पर आयोजित हो रहा है।

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पीएम नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के एक इंडोर स्‍टेडियम से PMO का ऐप लॉन्च किया। इस कार्यक्रम में उन लोगों को भी बुलाया गया जिन्होंने मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी को अपने सुक्षाव दिए थे। सरकार की तरफ से कई तरह की प्रतियोगिता समय-समय पर करवाई गई थीं। जिसमें एक भारत श्रेष्ठ भारत, ड्यूटी ऑफ सिटिजन, इंडिया अफ्रीका क्विज शामिल थीं। इसमें जीतने वाले सभी लोगों को पीएम मोदी की तरफ से पुरस्कार दिए गए। प्रथम आने वालों को 1 लाख रुपए का पुरस्कार दिया गया। इसके साथ ही पीएम ने उन 6 लोगों को भी सम्मानित किया जिन्होंने मोबाईल ऐप बनाया है।

सवाल: गुड गवर्नेंस से आपका क्या अभिप्राय है। लोगों का कहना है कि यह खराब राजनीति है।

जवाब: हमारे देश में लोकतंत्र है। लोग एक बार वोट देकर पांच साल के लिए उन्हें देश चलाने का कॉन्ट्रेक्ट दे देते हैं। अगर उसने बताए गए काम नहीं किए तो फिर अगले चुनाव में किसी और को वोट देकर दूसरे को कॉन्ट्रेक्ट दे दिया जाता है और कहा जाता है तुम कर दो। यह ठीक नहीं है। ऐसे लोकतंत्र नहीं पनप सकता। इसलिए जनभागीदारी वाला लोकतंत्र होना चाहिए। तकनीक की वजह से सब संभव हुआ है।

आज जो स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है वह जनभागिदारी का सबसे अच्छा उदाहरण है। सब कुछ ना कुछ करने की कोशिश करते हैं। देश में माना गया है कि गुड गवर्नेंस बुरी है। ज्यादातर लोगों का चुनाव जीतने के बाद ध्यान इस बात पर रहता है कि अगला चुनाव कैसे जीतें। इसी तरह से वह रणनीति बनाते हैं। ऐसे में वह उद्देश्य पीछे छूट जाता है जिसको लेकर कारवां चलता है। देश में बदलाव लाने के लिए जितना महत्व नीतियों का है उतना ही महत्व इस चीज का है कि उसे लोगों तक कैसे पहुंचाया जाए।

ऐसा नहीं होगा तो कुछ दिन तो वाहवाही होगी लेकिन स्थिति में बदलाव नहीं होगा। मानिए सरकारी पैसे का इस्तेमाल करके एक अच्छा हॉस्पिटल बनाया गया, लेकिन अगर एक मरीज को उसका ठीक से लाभ ना मिले तो ऐसे विकास का क्या फायदा। ऐसे में गुड गवर्नेंस के ना होने से सब बेकार हो जाएगा। किसी पंचायत, नगर पालिक, महापालिका, राज्य में कुछ भी हो तो प्रधानमंत्री से जवाब मांगा जाता है। यह राजनीति के लिए ठीक है।

किसी प्रधानमंत्री को तकलीफ हो वह ठीक है, होनी भी चाहिए। लेकिन ऐसे में राज्य, पंचायत को अपनी जिम्मेदारी से भागना नहीं चाहिए। जिसकी जो जिम्मेदारी है उससे उसका हिसाब मांगना चाहिए। ना ऊपर ना नीचे। ऐप में क्या है खास: दस भाषाओं में ऐप। इसके साथ ही इससे सरकारी संस्थाओं में धनराशि भी दान की जा सकेगी।

यह किसी भारतीय पीएम की ओर से किया गया पहला टाउनहॉल होगा। यह कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के प्‍लेटफॉर्म मायजीओवी (MyGov) के दूसरी सालगिरह के मौके पर आयोजित हो रहा है। इस मौके पर नया ऐप भी लॉन्‍च किया जाएगा। यह ऐप मोबाइल यूजर्स को पीएमओ से जुड़ने की सहूलियत देगा। बता दें कि आम तौर पर पश्‍च‍िम के नेता और कंपनियों के सीईओ टाउनहॉल के जरिए लोगों से सीधे रूबरू होते हैं।

मई 2014 में सत्‍ता में आने के बाद मोदी सरकार ने एक पोर्टल MyGov.in की शुरुआत की थी। मकसद यह था कि आम आदमी भी पीएमओ से संपर्क कर सके और गुड गवर्नेंस को लेकर अपने सुझाव या आइडिया सरकार से साझा कर सके। वेबसाइट के सीईओ गौरव दि्ववेदी का कहना है कि टाउनहॉल में हिस्‍सा लेने वाले लोगों का चुनाव MyGov.in पोर्टल के रेगुलर यूजर्स के बीच से ही किया गया है। उनका चुनाव उनकी ओर से दिए गए आइडिया, पूछे गए सवाल और दिए गए सुझावों के आधार पर हुआ है।

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