यूपी में बीजेपी के सीएम पद की दावेदारी के लिए घमासान..

यूपी में बीजेपी के सीएम पद की दावेदारी के लिए घमासान..

घमासान इतना गहरा है कि वरुण गांधी के समर्थक स्मृति ईरानी को बीमार बता रहे हैं।

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लखऩऊ :: कांग्रेस के पास नेता ही नहीं और बीजेपी के पास इतने नेता हैं कि उत्तर प्रदेश में सीएम के दावेदारों की फौज खड़ी हो गई है। और कोई किसी से कम नहीं। वरुण गांधी, आदित्यनाथ, स्मृति ईरानी जैसे तमाम दावेदार निकल आए हैं। किसी के समर्थक सडकों पर नारेबाजी कर रहे हैं तो किसी के समर्थक जल सत्याग्रह। चुनाव का पता नहीं लेकिन सीएम के हवाई दावेदार भरपूर हवा बना रहे हैं। बीजेपी समझ नहीं पा रही कि किसको मनाएं, किसको बढ़ाएं।

मतलब यूपी में बीजेपी के सीएम पद के दावेदार इतने हैं कि अगर तबीयत से पत्थर भी उछालें तो आसमान में सुराख हो न हो सीएम के किसी दावेदर पर शर्तिया गिरेगा। जनता तो फैसला जब करेगी तब करेगी फिलहाल पार्टी का दिल्ली दरबार भी समझ नहीं पा रहा है कि दावेदारों की इस फौज में किसके हाथ में मशाल दें। एक चुनाव तो सिर्फ सीएम के दावेदारों के बीच करवाने की नौबत आ पड़ी है।

वरुण गांधी के समर्थक अपने नेता को सीएम का दावेदार बनाने के लिए जल सत्याग्रह कर रहे हैं। संगम के पानी के बीच में नारे लगा रहे हैं। तो योगी आदित्यनाथ के समर्थक सड़कों पर रैलियां निकाल रहे हैं। स्मृति ईरानी हाल ही में अमेठी में दावेदारी की हवा बनाकर गई हैं। इलाहाबाद में 12-13 जून को बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होनी है। प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में फैसला होना है। और उस फैसले को अपने हक में करने के लिए सीएम के दावेदारों के समर्थक इलाहाबाद की सड़कों पर अभी से सक्रिय हो गए हैं।

राज्यों के चुनावों में बीजेपी ने जीत हार का जो फॉर्मूला निकाला है उसके मुताबिक बिहार मे बीजेपी को हार मिली क्योंकि पार्टी ने सीएम के चेहरे के घोषणा नहीं की थी। असम में जीते क्योंकि चुनावों में पहले से ही पार्टी ने सर्वानंद सोनेवाल पर दांव लगा दिया था। इसी फॉर्मूले के तहत यूपी चुनाव में काफी पहले से सीएम के दावेदार के एलान का आयडिया है। इस विचार पर कोने कोने से दावेदार निकल रहे हैं।

घमासान इतना गहरा है कि वरुण गांधी के समर्थक स्मृति ईरानी को बीमार बता रहे हैं। तो योगी के समर्थक वरुण गांधी के नाम पर आंखे दिखा रहे हैं। हर दावेदार के पास जीत की आसमानी दलील है।

अबकी बार के घिसे जुमले को यूपी में धो पोँछकर चमकाए जा रहे हैं दावेदार। कोई कह रहा है अबकी बार वरुण गांधी, कोई कह रहा है अबकी बार आदित्यनाथ। जनता से तो बीजेपी वाले पूछ भी नहीं रहे हैं कि अबकी बार आपके दिल में क्या है

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